सफाई व्यवस्था में हमेशा से बदनुमा दाग बने हैं खाली प्लाट

सफाई व्यवस्था में हमेशा से बदनुमा दाग बने हैं खाली प्लाट

– नगर पालिका के नोटिस का भी नहीं होता कोई असर
– अब पब्लिक न्यूसेंस का नोटिस देने की तैयारी में नपा
– कई प्लाट मालिकों का तो अतापता ही नहीं है नपा को

इटारसी। नगर की सफाई व्यवस्था में हमेशा से बदनुमा दाग बने खाली प्लाट मालिकों पर नगर पालिका कभी सख्त कार्रवाई नहीं करती बल्कि हर वर्ष नोटिस थमाने की रस्म अवश्य निभाई जाती है। शहर में नगर पालिका ने करीब 870 खाली प्लाट चिह्नित किये हैं, कालोनियां इसमें शामिल नहीं हैं।

यही खाली प्लाट में गंदगी, जमा पानी लोगों की मुसीबत बढ़ता है। मानसून की तिथि गुजर चुकी है, लेटलतीफी के बावजूद 24 जून तक मानसून की आमद तय मानी जा रही है। ऐसे में नगर पालिका ने खाली प्लाट्स मालिकों को फिर से नोटिस देने की तैयारी शुरु कर दी है।

सीएमओ का कहना है कि अब केवल नोटिस नहीं, बल्कि विधिवत एसडीएम के पास प्रकरण भेजे जाएंगे ताकि इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके।

यदि नगर पालिका कोई सख्त कदम उठाती है तो खाली पड़े प्लॉट मालिकों पर कार्रवाई तय है। नगर पालिका की ओर से सर्वे कर ऐसे प्लॉटों करीब 870 खाली प्लाट्स को रिकार्डबद्ध किया जा चुका है। ऐसे अनेक प्लॉट हैं जिनकी चहारदीवारी नहीं है, इनमें कचरा फैंका जा रहा है।

शहर को साफ सुथरा रखने व सफाई व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए नगर पालिका को सख्त कदम उठाना जरूरी है। लंबे समय से खाली पड़े प्लॉटों की शिकायतें भी नगर पालिका के पास आती रही हैं। किसी प्लॉट में कचरे के ढेर लगे हुए हैं तो कहीं झाडिय़ां उगी हुई हैं।

बारिश में जमा होता पानी

बारिश के दिनों में खाली पड़े प्लॉट्स में पानी जमा हो जाता है। मक्खी व मच्छरों की भरमार होती है। ऐसे में साथ लगते मकान मालिकों को भी परेशानी झेलनी पड़ती है। खाली पड़े यह प्लाट क्षेत्र में बीमारी फैलने का कारण बनते हैं। पानी जमा होने के कारण मच्छर पनपते हैं जो मलेरिया फैलाते हैं। कई-कई दिन तक इन प्लाटों से बरसाती पानी नहीं सूखता है।

हालांकि मलेरिया सीजन में खाली प्लाटों में जमा पानी होने पर मालिक के खिलाफ नगर पालिका एक्ट के तहत कार्रवाई का प्रावधान है, लेकिन कई मालिकों के बारे में जानकारी न होने से यह सुनिश्चित नहीं हो पाता कि नोटिस किसे दिया जाए।

खरीद कर छोड़ देते मालिक

शहर में ऐसे निजी प्लॉट खाली पड़े हैं जिन्हें मालिकों ने खरीदकर लावारिश छोड़ दिया है। ऐसे प्लॉटों की संख्या भी कम नहीं है जिनके मालिकों का भी कोई अता पता नहीं है। कुछ को अच्छे दाम मिलने का इंतजार है तो किसी ने निर्माण के लिए खाली छोड़े हुए हैं। इन प्लॉटों के कारण शहर में गंदगी फैल रही हैं।

हालांकि पहले भी नगर पालिका की ओर से कार्रवाई शुरू की गई थी, लेकिन इसे अंजाम तक नहीं पहुंचाया गया और हमेशा रस्म अदायगी करके छोड़ दिया जाता है, यही कारण है कि ऐसे खाली प्लाट मालिकों के हौंसले बुलंद रहते हैं।

इनका कहना है…

हम नोटिस बनवा रहे हैं, जो लोग अपने प्लाट को चहारदीवारी से बंद नहीं करेंगे या प्लाट पर कोई निर्माण नहीं करते हैं तो उनको 133 का नोटिस देकर एसडीएम के पास प्रकरण भेजा जाएगा, ताकि वहां से उचित दंड मिल सके।

हेमेश्वरी पटले, सीएमओ

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