मानसिक विक्षिप्त से दुष्कर्म करने वाले को उम्रकैद

मानसिक विक्षिप्त से दुष्कर्म करने वाले को उम्रकैद

होशंगाबाद। कोर्ट ने एक मानसिक विक्षिप्त नाबालिग से बार-बार दुष्कर्म करने वाले आरोपी को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी/विशेष लोक अभियोजक अखिलेश गंगारे (Akhilesh Gangare) ने बताया कि न्यायालय विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट/ओएडब्ल्यू श्रीमती आरती ए शुक्ला, जिला होशंगाबाद के न्यायालय ने आरोपी गंगाराम विश्वकर्मा को भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2)(एन) में आजीवन कारावास व 1000 रूपये का अर्थदण्ड, धारा 376(3) में आजीवन कारावास व 2000 रूपये अर्थदण्ड तथा धारा-5 जे(2)/6 (पॉक्सो), लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012, में भी आजीवन कारावास तथा 1000 रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया। जुर्माना अदा न करने पर व्यतिक्रम में प्रत्येक धारा में अतिरिक्त रूप से क्रमश: 02-02 माह का समश्र कारावास भुगताया जावेगा।
प्रकरण के पैरवीकर्ता सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी/विशेष लोक अभियोजक अखिलेश गंगारे, होशंगाबाद के अनुसार आरोपी गंगाराम विश्वकर्मा (Gangaram Vishvakarma) ने 01 मार्च 2019 से 24 जून 2019 के मध्य नाबालिग बालिका, जिसकी मानसिक स्थिति विक्षिप्त है, के साथ उसके घर के पीछे खेत पर एक से अधिक बार बलात्संग/दुष्कर्म किया। आरोपी को ज्ञात था कि नाबालिग बालिका की मानसिक स्थिति विक्षिप्त है, उसके बाद भी कई बार दुष्कर्म किया, जिसके परिणामस्वरूप वह गर्भवती हो गयी। पुलिस द्वारा आरोपी को पकड़ा गया एवं संपूर्ण विवेचना उपरान्त न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया।
प्रकरण में शासन की ओर से अंतिम तर्क जिला अभियोजन अधिकारी/विशेष लोक अभियोजक आरके खांडेगर (Rk Khandegar) एवं सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी/विशेष लोक अभियोजक अखिलेश गंगारे ने सशक्त पैरवी कर न्यायालय के समक्ष प्रकरण को उक्ति-युक्त संदेह से परे साबित किया।

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AUTHORRohit

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