शुक्रवार, जून 21, 2024

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लूट की नीयत से बुजुर्ग महिला की हत्या करने वाले आरोपी को आजीवन कारावास

नर्मदापुरम। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश नर्मदापुरम (First Additional Sessions Judge Narmadapuram) जफर इकबाल (Zafar Iqbal) के न्यायालय ने आरोपी सुनील कीर (Sunil Keer) पिता प्रभुदयाल कीर (Prabhudayal Keer), 24 वर्ष थाना बाबई (Thana Babai) को धारा 302, 460, 394 भादवि में तीनों धाराओं में तिहरा आजीवन कारावास एवं कुल 15000 रुपए अर्थदंड से दंडित किया।

जिला अभियोजन अधिकारी राजकुमार नेमा (District Prosecution Officer Rajkumar Nema) ने बताया कि फरियादी हरिनारायण चौरेे (Harinarayan Chaure) ने रिपोर्ट लिखाई कि वह ग्राम सांगाखेड़ा कलॉ (Village Sangakheda Kalau) रहता है। पैतृक जमीन प्रेम नगर रोड पर है, जहां बगीचा बना है एवं एक छोटा मकान (टपरिया) बनी है, जहां पर मेरी मां रामबाई (Rambai) अकेली रहती है। 07 मार्च 2023 को देखा कि उसकी मां रामबाई खेत के मकान के बाहर मृत अवस्था में पड़ी है और दोनों पैर पिंडली से कटे होकर अलग अलग पड़े हैं, पास में ही एक कुल्हाड़ी खून से सनी हुयी तथा एक हंसिया पड़ा था। तब उसने वहीं से लड़के अंकित चौरे को फोन लगाकर बताया कि मंझले भैया से बात करा दे और मैंने मेरे मंझले भैया जयनारायण चौरेे (Jayanarayan Chaure) को फोन पर बताया कि भैया खेत पर आ जाओ माताजी के साथ बड़ी घटना हो गयी है। गांव से मेरा भाई जयनारायण (Lakshminarayan), लक्ष्मीनारायण भतीजा प्रशांत (Prashant) और मेरा लड़का अंकित सभी खेत पर आ गये।

हमने देखा कि मां रामबाई के दोनों पैर पिंडली पर से कटे थे और दोनों पैर में पहनी चांदी की कड़ी कीमती करीब साठ हजार रुपए की नहीं थी, गले में पहनी माला जिसमें सोने की तिन्नी थी वह भी नहीं थी, दोनों कान में पहने सोने के फूल नहीं थे जो कान से खींचकर निकाले हैं, दोनों हाथों में दो-दो चांदी की चूड़ी पहनी थी जिनमें से एक चूड़ी कलाई में है, तीन चूड़ी नहीं थी उसकी मां की लाश के पास बहुत सारा खून निकला पड़ा था और मां के शरीर व गर्दन में कुल्हाड़ी से बार के निशान थे, मकान के अंदर देखा की जिस खटिया पर मां सोती थी उसे (टपरिया) के अंदर घुसकर मां के पहने हुये जेवर लूट की नीयत से उनको चोट पहुंचायी और रकम लूटने के लिए उनकी हत्या की।

पुलिस ने प्रकरण में संपूर्ण विवेचना उपरांत आरोपी सुनील कीर के विरूद्व अभियोग पत्र अंतर्गत धारा 302,460,394 भादवि. का प्रस्तुत किया। न्यायालय ने आरोपी को दोषसिद्ध पाते हुए आजीवन कारावास एवं 15000 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। प्रकरण में शासन की ओर से लोक अभियोजक राजकुमार नेमा, जिला अभियोजन अधिकारी नर्मदापुरम ने सशक्त पैरवी की गई।

Rashtra Bharti

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