बाढ़ आयी और पीछे छोड़ गयी ये कड़वी यादें

बाढ़ आयी और पीछे छोड़ गयी ये कड़वी यादें

इटारसी। बाढ़ आती है तो हमेशा अपने पीछे कड़वी यादें छोड़कर जाती है। इस वर्ष की बाढ़ बहुत कम समय की थी। लेकिन पीड़ा तो दे ही गयी। बाढ़ से शहर में कई मकानों की दीवारें गिर गयीं तो श्मशान में बड़ा नुकसान हुआ। दाल मिल(Pulse mill) में पानी भरने से लाखों का नुकसान हो गया है।
श्मशान में 3 लाख का नुकसान पहाड़ी नदी(river) सीपीई(CPE) से पुरानी इटारसी, अवाम नगर होते हुए पीपल मोहल्ला(Peepal Mohalla) में सांकलिया पुल के नीचे से नेशनल हाईवे(National Highway)को क्रास करने से पहले श्मशान की सीमा को छूती है। इसी नदी कल बहुत सारा पानी एक साथ लेकर आयी तो श्मशान की दीवार से टकरायी। दीवार का एक बड़ा हिस्सा तोड़ते हुए यह भीतर प्रवेश कर गयी और यहां के बगीचे से प्लास्टिक(Plastic from the garden) के पाइप, जलाऊ लकड़ी भी अपने साथ बहाकर ले गयी। शांतिधाम समिति(Shantidham committee) के सदस्य प्रमोद पगारे(Pramod Pagare) ने बताया कि करीब 3 लाख रुपए के नुकसान का अनुमान है।

तीन जगह दीवारें ढह गयीं


अतिवृष्टि(Heavy Rain) और बाढ़ से तीन जगह कच्चे मकानों की दीवार गिरने की जानकारी मिली है। नयायार्ड के तौशीफ खान ने बताया कि भारी बारिश के चलते बीती रात करीब 1.30 बजे ग्राम पंचायत मेहरागांव(Gram panchayat mehragaon) के खेड़ापति मंदिर(Khedapati Temple) के पास रामबगस बरखने(Rambagas Barkhen) के मकान की दीवार गिर गयी। हालांकि घटना में किसी को चोट आने की खबर नहीं है। इसी तरह से पुरानी इटारसी में भी तीन जगह मकानों की दीवार गिरने की जानकारी है। नगर पालिका के सहायक राजस्व अधिकारी विकास वाघमारे ने बताया कि पूर्व नपाध्यक्ष रवि जैसवाल के घर के पीछे तरफ अभिनव नामक व्यक्ति के मकान का छप्पर गिरा है।

उसके यहां करीब पंद्रह हजार रुपए के नुकसान का अनुमान है। इसी तरह से ट्रैक्टर स्क्रीम के पास रहने वाले नगर पालिका के कर्मचारी अनिल सिंह चौहान के घर का छप्पर भी गिरा है। इसे भी लगभग पंद्रह से बीस हजार का नुकसान हुआ है। पुरानी इटारसी में मेन रोड पर साहू परिवार का एक मकान गिरने की खबर है। पूर्व पार्षद अवध पांडेय ने बताया कि गोंडी मोहल्ला वार्ड नंबर 4 में फूलवती कहार पति गोविन्द कहार तथा रजनी इरपाचे पति कमल इरपाचे के मकान की दीवार गिरी है। इनके यहां बाढ़ से घर का सामान और अनाज भीगकर खराब हो गया है। राठी दाल मिल सोनासांवरी नाका में भी बारिश का पानी भराने से वहां रखा अनाज बड़ी मात्रा में भीग गया था। नुकसान कितने का हुआ इसकी जानकारी फिलहाल प्राप्त नहीं है।

दो फीट पानी में तैरने लगा घर का सामान

१२ बंगला नरेन्द्र नगर में उस समय हालत बेकाबू हो जाये जब एक और से वाटर फ़िल्टर प्लांट का स्टॉप डेम का पानी, बरसाती नाला का पानी लोगो के घर में घुसा वहीँ उसरी और से वर्मा सेल ग्राउंड का पानी ने अपना रुख घरों की और मोड़ लिया। इस पानी में लोगो के फ्रिज, सोफे,  पलंग, गैस टंकी आधे डूब चुके थे। बिजली का न होना और पानी के सांप, बिच्छु, केकड़ा  का इस पर तैरते जाना एक भयावह माहोल बना दिया। बारिश तो रुक गई पर इससे होने वाले नुक्सान के निशान पीछे छोड़ गई ।

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