संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में दुष्कर्म के आरोपी पेंट्रीकार मैनेजर को उम्रकैद

संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में दुष्कर्म के आरोपी पेंट्रीकार मैनेजर को उम्रकैद

  • पांच हजार रुपए जुर्माना, जान से मारने की धमकी पर 2 साल की सजा

इटारसी। फरवरी 2022 में संपर्क क्रांति एक्सप्रेस (Sampark Kranti Express) में युवती से बलात्कार के आरोपी पेंट्रीकार मैनेजर (Pantrycar Manager) को कोर्ट (Court) ने आजीवन कारावास, 5 हजार रुपए का जुर्माना, मारपीट की धारा 323, जान से मारने की धमकी 506 के तहत 2 साल की सजा सुनाई गई। प्रथम अपर सत्र न्यायालय इटारसी हर्ष भदौरिया (First Additional Sessions Court Itarsi Harsh Bhadoria) ने आरोपी भूपेन्द्र सिंह तोमर (Bhupendra Singh Tomar), 32 वर्ष, निवासी मुरैना (Morena) को आजीवन कारावास से दंडित किया है।

उल्लेखनीय है कि कर्नाटक-हजरत निजामुद्दीन संपर्क क्रांति एक्सप्रेस (Karnataka-Hazrat Nizamuddin Sampark Kranti Express) के पैंट्रीकार में डेढ़ साल पहले 21 साल की युवती से हुए दुष्कर्म के मामले में पेंट्रीकार के मैनेजर भूपेंद्र सिंह तोमर पर रेप का आरोप दोष सिद्ध हुआ है। भूपेंद्र सिंह ने युवती को पेंट्रीकार में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया था। भूपेंद्र तोमर ने युवती को तीन- चांटे भी मारे और ट्रेन से फेंकने की धमकी दी थी। यह घटना हरदा- इटारसी के बीच में हुई थी। घटना जिस वक्त उजागर हुई, तब तक ट्रेन इटारसी से आगे निकल चुकी थी। भोपाल (Bhopal) पहुंचने पर जीआरपी, आरपीएफ ने ट्रेन को अटेंड किया था।

मामला फरवरी 2022 का

एडिशनल डीपीओ एचजी यादव (Additional DPO HG Yadav) के अनुसार रेप का मामला 11 फरवरी 2022 का है। 21 साल की पीडि़ता पुरानी दिल्ली की है। 9 फरवरी को वह दिल्ली (Delhi) से मुंबई (Mumbai) गई थी। वहां उसे लोग बोले, मुंबई अच्छा शहर नहीं है, यहां लड़कियों को बेच देते हैं। तुम वापस चली जाओ। लोगों के कहने पर 11 फरवरी की दोपहर 12 बजे मुंबई से दिल्ली आने के लिए उसने ट्रेन पकड़ी। इस ट्रेन में भीड़ थी, इसलिए भुसावल स्टेशन पर उतर गई। यहां से उसी दिन शाम 6 बजे यशवंतपुर-निजामुद्दीन संपर्क क्रांति एक्सप्रेस (12629) के एसी कोच में बैठ गई। वह फर्श पर ही कंबल बिछाकर सो गई। रात करीब 8 बजे मैनेजर भूपेंद्र सिंह ने उसे उठाया, बोला- यहां क्यों सो रही हो? जनरल डिब्बे में सीट खाली है, जाकर जाओ। कुछ देर बाद मैनेजर ने युवती को उठाकर कैंटीन वाले डिब्बे (पैंट्रीकार) में ले गया। उसके साथ गलत काम किया। पीडि़ता चिल्लाई तो उसे तीन-चार चांटे मारे भी मारते हुए उसे ट्रेन से बाहर धक्का देकर फैकने की बात कहीं थी। जिसके बाद पीडि़ता रोती हुई अपना सामान उठाकर दूसरे डिब्बे में चली गई। पीडि़ता ने ट्रेन के अन्य यात्रियों को घटना के बारे में बताया था। ट्रेन के भोपाल आने के बाद पीडि़ता ने स्टेशन पर शिकायत की थी। रेल पुलिस ने ट्रेन के पेंट्रीकार के मैनेजर के खिलाफ दुष्कर्म, मारपीट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था।

झांसी से किया था गिरफ्तार

घटना के बाद आरोपी मैनेजर ट्रेन के दूसरे कोच में जाकर छिप गया था। उसे झांसी रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया था। इटारसी में ट्रेन का स्टॉपेज नहीं है। यहां से ट्रेन निकलने के बाद घटना सामने आई। इसलिए भोपाल में ट्रेन को अटैंड किया गया था।

कोर्ट ने की यह टिप्पणी

आरोपी ने रेल के पेंट्रीकार के मैनेजर रूप में कार्य करते हुए दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराध को किया है। जो किसी भी दशा में न्यूनतम दंड के योग्य नहीं कहा जा सकता। आरोपी भूपेंद्र सिंह तोमर को दुष्कर्म के अपराध में आजीवन कारावास, 5 हजार रुपय का जुर्माना, मारपीट की धारा 323, जान से मारने की धमकी 506 के तहत 2 साल की सजा सुनाई गई।

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AUTHORRohit

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