Tokyo Olympics: 41 साल बाद इंडियन हॉकी टीम ने जर्मनी को हराकर जीता ब्रांज मेडल

Tokyo Olympics: 41 साल बाद इंडियन हॉकी टीम ने जर्मनी को हराकर जीता ब्रांज मेडल

विवेक सागर और नीलकांता शर्मा को एक-एक करोड़ रूपये का पुरूस्कार

भोपाल। ओलंपिक हॉकी में एक बार फिर भारत का परचम लहराया है। #TokyoOlympics में इंडियन टीम ने जर्मनी को 5-4 से हराकर ब्रांज मेडल जीत लिया है। ओलंपिक गेम्स में पूरे 41 साल बाद भारत को यह उपलब्धि हासिल हुई है। 1980 में मास्को ओलिंपिक के बाद अब भारत ने कांस्य पदक जीतने में सफलता हासिल की है। भारत की इस जीत में एमपी के विवेक सागर प्रसाद का अहम योगदान रहा, जब उन्होंने अर्जेंटीना के खिलाफ 58 वें मिनट में गोल दागकर टीम को क्वार्टर फाइनल में पहुंचाया था। विवेक सागर और नीलकांता शर्मा को एक-एक करोड़ रूपये का पुरूस्कार दिया जाएगा।

इस मैच में जीत के बाद भारत न केवल क्वार्टर फाइनल में पहुंचा बल्कि बाद में सेमीफाइनल में भी पहुंच गया। गुरुवार को इंडियन हॉकी टीम ने जर्मनी को हराकर अंतत: ओलिंपिक हॉकी में चार दशक से चला आ रहा पदकों का सूखा भी समाप्त कर दिया। इस मैच में भी मिड फील्डर विवेक सागर ने डिफेंस में अच्छा खेल दिखाया।

मैच में भारत के जीतते ही विवेक सागर (#vivek Sagar) के गृहनगर इटारसी और गांव चांदौन में जश्न शुरू हो गया। इटारसी में हॉकी प्लेयर्स और विवेक के फैंस ने डांस और आतिशबाजी की। यहां ध्यानचंद चौराहे पर हॉकी प्रेमियों और विवेक सागर प्रसाद के फैंस ने पटाखे फोड़कर अपनी खुशियों का इजहार किया। जर्मनी पर जीत दर्ज कर ब्रांज मेडल जीतने पर पूरे प्रदेश में हॉकी प्रेमी जश्न मना रहे हैं।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chouhan) ने भी भारतीय टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि आज पूरा देश गर्व से भरा है। यह केवल कांस्य पदक नहीं है। वरन भारतीय हाकी का पुनर्जागरण है। पूरे 41 साल के बाद टीम ने शानदार प्रदर्शन कर दुनिया की श्रेष्ठ टीमों को हराया, सबको धूल चलाई. सीएम शिवराजसिंह चौहान ने कहा मध्यप्रदेश के लिए खासतौर पर गर्व का विषय है हमारी इटारसी के लाल विवेक सागर प्रसाद इस टीम में थे, उन्होंने गोल भी किया था।

सीएम ने विवेक सागर प्रसाद की इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई देते हुए एक करोड़ रुपए सम्मान निधि देने की घोषणा की। सीएम ने मध्यप्रदेश हाकी अकादमी के कोच नीलकांत शर्मा को भी एक करोड़ रुपए सम्मान निधि के रूप में देने की घोषणा की है। सीएम ने कहा कि इस उपलब्धि के लिए पूरी भारतीय टीम बधाई की पात्र है। उन्होंने टीम इंडिया का स्वागत करने की भी बात कही।

1972 के बाद पहली बार पूल स्टेज में 4 मैच जीते थे
टीम इंडिया ने 1972 के बाद पहली बार टोक्यो में पूल स्टेज में 4 या इससे ज्यादा मुकाबले जीते थे। 1972 ओलिंपिक में भारत ने पूल स्टेज में 7 में से 5 मैच जीते थे। इसके बाद 2016 ओलिंपिक तक भारत ग्रुप स्टेज में 3 से ज्यादा मैच नहीं जीत पाया। 1984 से 2016 तक तो भारतीय टीम ग्रुप स्टेज में कभी 2 से ज्यादा मैच नहीं जीत पाई थी।

पुरुष हॉकी में भारत ने 8 गोल्ड मेडल जीते हैं
भारत ने ओलिंपिक में सबसे ज्यादा मेडल पुरुष हॉकी में जीते हैं। टीम ने 1928, 1932, 1936, 1948, 1952, 1956, 1964 और 1980 ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीता था। इसके अलावा 1960 में सिल्वर और 1968,1972 और 2021 (टोक्यो ओलिंपिक 2020) में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया है।

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