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तिलक सिंदूर मेले की व्यवस्था आदिवासियों ने मांगी

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  • – एसडीएम कार्यालय में हुई बैठक में आए अनेक विचार

इटारसी। महाशिवरात्रि पर हर साल तिलकसिंदूर में आयोजित होने वाले मेला आयोजन को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों, आदिवासी तिलक सिंदूर सेवा समिति एवं जनप्रतिनिधियों की बैठक तहसील सभागार में रखी गई। बैठक में एसडीएम टी. प्रतीक राव, तहसीलदार सुनीता साहनी, एसडीओपी महेन्द्र सिंह चौहान एवं क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने मेला आयोजन की तैयारियों पर चर्चा की।

आदिवासी विकासखंड केसला में पेसा एक्ट लागू होने के बाद ग्रामीणों ने मांग की है कि इस बार मेला आयोजन की पूरी व्यवस्था तालपुरा ग्राम पंचायत खटामा को दी जाए, इसके लिए एक समिति का गठन करने की बात कही गई, इसका प्रस्ताव संभवत: 25 जनवरी तक होने वाली बैठक में पंचायत प्रस्तुत करेगी। खटामा ग्राम सभा समिति के अध्यक्ष नारायण बाबरिया ने बताया कि प्रशासन, आदिवासी सेवा समिति एवं पंचायत के समन्वय से इस शिव धाम का समुचित विकास करने, यहां की समस्याओं के निराकरण एवं क्षेत्र की समस्याओं के निराकरण को लेकर चर्चा की गई। पंचायत ने बैठक में यह भी कहा कि पिछले वर्ष मेले में आई चढ़ौत्री की राशि कहां कब कैसे खर्च की गई है, इसका हिसाब सार्वजनिक किया जाए।

तिलकसिंदूर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रसाधन, पहुंच मार्ग समेत अन्य समस्याओं के बारे में एसडीएम राव ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया। ग्रामीणों एवं मेला समिति सदस्यों ने बताया कि परिसर में गंदगी और कचरा जमा हुआ है। हमने प्रस्ताव रखा था कि यहां लगने वाली दुकानों से कुछ राशि ली जाए, जिससे यहां की साफ सफाई का खर्च उठाया जा सके, लेकिन वन विभाग ने दुकानदारों से कह दिया कि किसी को भी रुपये नहीं दें। यहां होने वाले निर्माण कार्यों की अनुमति को लेकर वन विभाग द्वारा रोक लगाई जाती है। जनपद से यहां श्मशान घाट के लिए ढाई लाख रुपये की मंजूरी मिली थी, पंचायत ने सामग्री भी डलवा दी, लेकिन निर्माण की अनुमति वन अधिकारियों ने नहीं दी, आसपास के करीब 45 गांवों के अंतिम संस्कार के लिए आसपास कवर्ड शेड नहीं है।

इसी तरह 50 हजार रुपये का एक चबूतरा भी मंजूर हो चुका है, लेकिन काम नहीं हो सका। नए साल पर आए श्रद्धालुओं के कारण यहां काफी कचरा एवं गंदगी जमा हो चुकी है। समिति सदस्यों ने कहा कि वन्य क्षेत्र एवं मंदिर समिति के हिस्से का सीमांकन करा लिया जाए, जिससे आए दिन होने वाले विवाद को खत्म किया जा सके। जनप्रतिनिधियों ने अमाड़ा से खटामा मार्ग के निर्माण की बात भी कही, इस मार्ग से भी हजारों श्रद्धालु मेला घूमने के लिए आते हैं। एसडीएम ने कहा कि इन समस्याओं के लिए अधिकारियों से बात करेंगे। यहां होने वाली रामसत्ता में खर्च होने वाली राशि भी चढ़ौत्री से देने की बात कही। पंचायत ने कहा कि तिलकसिंदूर में नियमित साफ सफाई के लिए एक राशि तय कर दी जाए, जिससे यहां पंचायत स्थाई कर्मचारी तैनात कर सके।

यहां बंद पड़ा सुलभ काम्पलेक्स चालू किया जाए, साथ ही वाहन पार्किंग, दुकानों का किराया भी तय किया जाए। ग्रामीणों ने यहां बने पार्क की बदहाली को लेकर भी समस्या बताते हुए कहा कि यहां सुंदरीकरण का काम होना चाहिए। पेयजल समेत अन्य समस्याओं का स्थाई निराकरण किया जाए। इस अवसर पर आकाश कुशराम, पार्षद राहुल प्रधान, राजू टागइर, मुन्ना भट्टी, बलदेव तेकाम, विनोद बारिवा समेत जमानी, खटामा के सरपंच सचिव एवं अन्य जनप्रतिनिधि शामिल हुए।

Rohit Nage

रोहित नागे वरिष्ठ पत्रकार एवं समाचार संपादक हैं, जिन्हें प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में तीन दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता में स्नातक किया है तथा लोक प्रशासन में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की है। अपने पत्रकारिता जीवन में उन्होंने दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, राज एक्सप्रेस, पीपुल्स समाचार, नवभारत सहित अनेक प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में रिपोर्टर, उप-संपादक, ब्यूरो प्रमुख एवं न्यूज़ इंचार्ज के रूप में कार्य किया है। वे Narmadanchal.com के रिपोर्टर, उप-संपादक, एवं न्यूज़ इंचार्ज के रूप में कार्य कर रहे हैं और नर्मदांचल क्षेत्र की निष्पक्ष, तथ्यपरक एवं जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं। वर्तमान में वे मध्य प्रदेश की राजनीति, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय समाचारों पर विशेष रूप से लेखन एवं संपादन कार्य कर रहे हैं।

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