सतर्कता : चूना पत्थर से रेलवे को चूना लगाने का प्रयास विफल

सतर्कता : चूना पत्थर से रेलवे को चूना लगाने का प्रयास विफल

विजीलेंस के हत्थे चढ़ी, 25 लाख का जुमार्ना होगा

इटारसी। रेलवे (Railway) के भोपाल कंट्रोल (Bhopal Control) की सूचना पर रेलवे के सतर्कता विभाग (Vigilance Department) ने रेलवे को लाखों रुपए का चूना लगने से बचा लिया।कोटा से चूना पत्थर (Limestone) लेकर ओडिसा (Odisha) जा रही मालगाड़ी को पवारखेड़ा रेलवे स्टेशन (Pawarkheda Railway Station) पर रोककर जब केसर लॉजिस्टिक हब (Kesar Logistics Hub) में वजन कराया तो उसकी बोगियों में 48 टन ओवरलोड (Overload) मिला।
राजस्थान के कोटा से चूना पत्थर का लोड लेकर आडिसा की नालको साइडिंग (Nalco Siding) जा रही मालगाड़ी में ओवरलोडिंग का बड़ा मामला रेलवे सतर्कता विभाग की सक्रियता से सामने आ गया। रेलवे ने इसे पकड़ में आने के बाद कोटा की पूजा मिनरल्स कंपनी (Pooja Minerals Company) पर करीब 25 लाख रुपये का जुमार्ना करने की जानकारी मिली है। इस कार्रवाई को लेकर रेलवे के अफसर ज्यादा कुछ बात करने से बच रहे हैं, जबकि सतर्कता विभाग मामले में संपूर्ण कार्रवाई कर रहा है।

यह है पूरा मामला

गुरूवार को कोटा स्टेशन से पूजा मिनरल्स राजस्थान (Rajasthan) ने उड़ीसा नालको साइडिंग के लिए चूना पत्थर लोड किया था। 42 वैगन के कमोडिटी रैक में कट्टियों में चूना पत्थर लोड किया। कोटा से चली ट्रेन भोपाल तक आ गई, इस बीच रेलवे सतर्कता विभाग पमरे को ट्रेन में ओवरलोडिंग की शिकायत मिली। भोपाल कंट्रोल को खबर देकर विजीलेंस टीम ने रैक की तुलाई के निर्देश देकर इसे पवारखेड़ा केसर लाजिस्टिक हब यार्ड में भेजने को कहा। यहां पार्सल पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में जब तुलाई हुई तो 42 में से 18 वैगन ओवरलोड मिले। इस इनपुट पर एसडीजीएम विजय कुमार गुप्ता ने जुमानत समेत पूरे मामले की विभागीय जांच के आदेश दिए। इंडियन रेलवे ( Indian Railway) का इंजन क्रमांक 60034 इस लोड को कोटा से लेकर चला था।

पालिश के काम आता है पत्थर

नालको में हवाई जहाज के कलपुर्जों एवं एल्युमीनियम पालिश के लिए चूना पत्थर काम आता है, रेलवे ने पवारखेड़ा साइडिंग पर ओवरलोड पत्थर की कट्टियां खाली करा ली हैं। अभी तक रेक जांच के लिए रोका गया है। रेलवे पूजा मिनरल्स या नालको साइडिंग से जुमानेे की राशि वसूली की कार्रवाई करेगा।
अफसरों के अनुसार मालगाड़ी से बुक होने वाले पैक पासज़्ल की तुलाई के लिए तौलकांटे होते हैं, लेकिन कमोडिटी बुकिंग में वैगन की वहन क्षमता के मुताबिक लोडिंग होती है। एक वैगन की वहन क्षमता औसत 50 टन होती है। खुली सामग्री जैसे चूना पत्थर, कोयला बुलडोजर से लोड होता है। चूना पत्थर बोरियों में था, आशंका है कि कोटा में बुकिंग के दौरान वहन क्षमता का ध्यान नहीं रखा, या फिर तौलकांटे में हेरफेर हुआ, रेलवे के कई मालगोदाम में बड़े तौलकांटे भी नहीं हैं, इसी वजह से रैक को पवारखेड़ा ब्रेवरेज भेजा गया, जहां पूरी गाड़ी का वजन मापा गया। बिल्टी में बताए गए माल से 48 टन ओवरवेट मिला। पूरे मामले में अब कोटा मंडल के वाणिज्य एवं मालगोदाम से जुड़े अफसर जांच के घेरे में आ गए हैं, सांठगांठ की आशंका पर भी रेलवे जांच कराएगी।

इनका कहना है…

  • सतर्कता विभाग के इनपुट पर यह कार्रवाई हुई है, हम ज्यादा जानकारी नहीं दे सकते हैं, सतर्कता विभाग जांच कर रहा है। जांच के बाद जुमार्ना एवं लापरवाही होने पर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
    राहुल श्रीवास्तव, सीपीआरओ पमरे
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AUTHORRohit

I am a Journalist who is working in Narmadanchal.com.

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