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Watch video : अस्थायी ब्रिज के सामने डाली मिट्टी, अब बेलीब्रिज ही सहारा

Watch video : अस्थायी ब्रिज के सामने डाली मिट्टी, अब बेलीब्रिज ही सहारा

इटारसी/केसला, रीतेश राठौर। बेली ब्रिज (Bailey Bridge) बन जाने के बाद बस, कार, बाइक आदि तो अब बेली ब्रिज से ही निकल रहे थे, लेकिन अब नीचे मिट्टी डालकर रोड (Road) बंद कर दिया है जिससे ट्रक आदि भारी वाहन भी बेलीब्रिज से निकल रहे हैं। सुबह तक भारी वाहन 156 पाइप वाले अस्थायी पुल से दो फीट पानी के बावजूद निकल रहे थे, जो जोखिम भरा सफर था। जगह-जगह हर पुल पर सूचना बोर्ड भी लगे हैं, लेकिन वाहन चालक इनकी अनदेखी करके निकल रहे थे।
नेशनल हाईवे-46 (National Highway-46) पर बसे सुखतवा ग्राम (Sukhtawa Village) में तवा नदी (Tawa River) पर छोटे वाहन चालकों और बस के लिये सेना ने 6 दिन में बैलीब्रिज बनाकर उन्हें तवा के डूबे हुए पुल की जलधारा से राहत दे हैं। लेकिन हेवी वाहनों के लिए तवा नदी पार करना प्रतिबंधित कर दिया है। दअरसल तवा डेम (Tawa Dam) के बैक वाटर ( Back Water) से बड़े वाहन चालक लहरों के बीच से ख़ौफ के बीच हैवी वाहनों को रिस्क लेकर नदी पार कर रहे थे, जिन्हें रोक दिया है। ज्ञात हो कि नेशनल हाईवे पर नर्मदापुरम-बैतूल

 

(Narmadapuram-Betul) के बीच अंग्रेजों के जमाने का पुल 10 अप्रैल को 138 चके वाले वजनी ट्राले से टूट गया था, जिससे नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक (Traffic) थम गया था। इस दौरान जिला प्रशासन ने वाहनों को दूसरे रूट से निकाला था, अब इस मार्ग को मिट्टी से बंद करने के बाद 40 टन से अधिक वजनी वाहनों को बैतूल, हरदा होकर जाने को कहा जा रहा है।

अस्थायी पुल पर है पानी

ट्रैफिक को सुचारू करने सीमेंट पाइपों की सहायता से दूसरा पुल नदी पर विभाग ने तैयार कराया था। लेकिन बारिश के दौरान दूसरा पुल तवा जलाशय के बैक वाटर से पानी डूबा हुआ है जिस पर रिस्क लेकर बड़े वाहनों सहित छोटे वाहन चालक लहरों के बीच ख़ौफ में सफर कर रहे थे, जिन्हें सख्ती से रोक दिया है। जिला प्रशासन के निवेदन और आमजनों को राहत देने सेना ने मोर्चा संभालकर 6 दिन में छोटे वाहनों और यात्री बसों के लिए बैलीब्रिज तैयार कर दिया। बैलीब्रिज 90 फिट लंबा और 3.2 मीटर चौड़ा है। इस बैलीब्रिज से 40 टन वजनी वाहन 20 रफ्तार में एक एक कर निकल रहे। यह बैलीब्रिज नेशनल हाईवे पर प्रदेश में पहला है। सेना को बैलीब्रिज बनाने में महारथ हासिल है। लेकिन बैलीब्रिज से हैवी वाहनों को निकलने की परमिशन नहीं हैं। मजबूरन हैवी वाहन चालक तवा की जलधारा में डूबे हुए पुल से लाल झंडी के निशान को देखते हुए ही नदी पार कर रहे थे। हालांकि सुखतवा नदी पर फोरलेन बनाने वाली कंपनी पुल बनाने में जुटी हुई। लेकिन यह पुल कब तैयार होगा इसकी समय सीमा तय नहीं है। फिलहाल 40 टन तक के वजन वाले वाहन बेलीब्रिज से गुजर रहे हैं।

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AUTHORRohit

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