यज्ञ की सफलता तब ही है जब उसके परिणाम सार्थक आए : पांडे

यज्ञ की सफलता तब ही है जब उसके परिणाम सार्थक आए : पांडे

इटारसी। मुक्तिधाम (Muktidham) एवं गोची तरौंदा (Gochi Taronda) मार्ग पर वैष्णवी कॉलोनी परिसर (Vaishnavi Colony Complex) में श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का आज तीसरा दिन है। सैकड़ों की संख्या में नर नारी यज्ञ में शामिल हो रहे हैं।पंच कुंडीय लक्ष्मीनारायण महायज्ञ (Shri Lakshmi Narayan Mahayagya) में दूर-दूर से श्रद्धालु आ रहे हैं। यज्ञ के आचार्य पंडित विजय पांडे (Pandit Vijay Pandey) ने व्यास पीठ से कहा कि मां लक्ष्मी की कृपा बिना नारायण के संभव नहीं है। इसीलिए श्री लक्ष्मी नारायण यज्ञ कराया जाता है।

इस पंचकुंडी यज्ञ में अधिकांश यजमानों ने अपने सिर का मुंडन करने के बाद ही यज्ञशाला में प्रवेश किया है। उन्होंने कहा कि कोई भी यज्ञ हो जिस हेतु यज्ञ किया गया है उसके परिणाम सार्थक आना चाहिए तब ही यज्ञ की सफलता मानी जाती है। यज्ञ के कर्मकांडी ब्राह्मण ईमानदारी से दी गई जवाबदारी को पूरा करें तब सफलता भी मिलती है। उन्होंने कहा कि मेरे जीवन का एक लक्ष्य लेकर में चल रहा हूं। 125 यज्ञ करने का संकल्प लिया है।

प्रभु चाहेगा तो यह संकल्प पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि वैष्णवी कॉलोनी परिसर में श्री लक्ष्मी न श्री लक्ष्मी नारायण यज्ञ प्रतिदिन प्रात: 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक एवं दोपहर 2 बजे से सायंकाल 5 बजे तक हो रहा है। यजमान के रूप में राममोहन पटेल-ज्योति पटेल, जगमोहन पटेल-संध्या पटेल, बाबूजी मलैया-भागवती बाई, विमल चौधरी-राजा बाई, रूपराम चौधरी- शीलू, बालकृष्ण भट्ट-प्रमिला भट्ट और श्रीकृष्ण चौरे-श्रीमती गुलाब बाई शामिल हुए।

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AUTHORRohit

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