साया छोड़ गया साथ, गायब हो गयी परछाई

Post by: Rohit Nage

शून्य छाया दिवस पर साईं फाच्र्यून सिटी में राजेश पाराशर ने किये प्रयोग
इटारसी। बादलों में सूर्य की लुका-छिपी की संभावनों के बीच आकाश में सौरमंडल का मुखिया आज इटारसी वासियों के ठीक सिर के उपर था। दोपहर 12:20 पर इस खगोलीय घटनाक्रम में ऊंची इमारतों, खंभों तथा मोबाईल टॉवरों तक की परछाई कुछ पल के लिये गायब हो गई। एक्सीलेंस केसला के राजेश पाराशर ने साईं फाच्र्यून सिटी प्रांगण में परछाई को गायब होते दिखाने के लिये रोचक प्रयोग किये।
राजेश पाराशर ने बताया कि अनेक लोग मानते हैं कि हर रोज दोपहर 12 बजे सूर्य सिर के ठीक उपर होता है, लेकिन ऐसा नहीं है। मकर रेखा से कर्क रेखा की ओर जाते हुये सूर्य किसी एक दिन और वापस लौटते हुये किसी अन्य दिवस को सिर्फ दो बार ही ठीक सिर के ऊपर होता है। इन दो दिनों में जब सूर्य मध्यान्ह के समय ठीक हमारे सिर के ऊपर चमकता है तो उस समय परछाई हमारा साथ छोड़ देती है, परछाई न बनने के इस घटनाक्रम को खगोल विज्ञान में शून्य छाया दिवस कहते हैं। इटारसी के लिये यह 8 जून तथा 3 जुलाई को होती है। इस दिन यहां सूर्य की किरणें सीधी पड़ती हैं।
कैसे किया प्रयोग
प्रयोग के दौरान 1 फीट लंबे और 6 इंच डायमीटर के तीन पाइप को सीधा खड़ा किया गया। सूर्य की किरणें 1 फीट गहराई पर पाइप को पार करते हुये सीधे नीचे नीचे रखे कागज पर पूरा गोला बनाया। राजेश पाराशर ने बताया कि अगर सूर्य ठीक ऊपर न होता तो पूरी गोल आकृति नहीं बनती। प्रयोग के दौरान एम एस नरवरिया के साथ हरीश चौधरी एवं कैलाश पटेल ने सहयोग किया।

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