विश्व रक्तदान दिवस पर तीन स्थानों पर लगाए गए शिविर

विश्व रक्तदान दिवस पर तीन स्थानों पर लगाए गए शिविर

कलेक्टर के मार्गदर्शन में रक्तदान के प्रति बढ़ रही जागरूकता
नर्मदापुरम।
नर्मदापुरम कलेक्टर नीरज कुमार सिंह के द्वारा लगातार रक्तदान के प्रति जागरूकता की गतिविधियों को संचालित किया जा रहा है। इसी तारतम्य में बुधवार को विश्व रक्तदान दिवस के उपलक्ष्य में जिले में विभिन्न स्थानों पर शिविरों के माध्यम से जागरूकता और रक्तदान दान शिविर आयोजित हुए। रक्तदान के लिए तीन स्थानों पर रक्तदान शिविर लगाए गए।

इन शिविरों में अनेक लोगों ने आकर रक्तदान किया। जो जरूरतमंदों के काम आ सकेगा। रक्तदान दिवस पर लगाए गए शिविरों में पहला शिविर आर्मी हास्पिटल पचमढ़ी में वृहद रक्तदान शिविर आयोजित हुआ। दूसरा शिविर मधुबन अस्पताल ट्राइडेंट बुधनी में किया। वहीं तीसरा शिविर ब्लड बैंक जिला चिकित्सालय में आयोजित किया गया जिसमें मीडिया से जुड़े अनेक सदस्यों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। इन शिविरों में 140 यूनिट से अधिक ब्लड डोनेट किया गया।उपरोक्त शिविरों में प्रभारी सिविल सर्जन डॉ राजेश माहेश्वरी, रेडक्रास के सक्रिय सदस्य श्री चंद्र गोपाल मलैया, डॉ रवि शर्मा, उदित द्विवेदी सहित अनेक नागरिकों ने उपस्थित होकर रक्तदाताओं को प्रेरित किया।

रक्तदान को लेकर जिला रेडक्रास द्वारा कलेक्टर श्री सिंह के मार्गदर्शन में पूर्व से भी जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस पहल में जिले के भगवताचार्यों, समाजसेवियों के साथ ही अनेक लोग आगे आकर रक्तदान कर रहे है। भगवताचार्यों ने स्वयं आगे आकर रक्तदान किया है। आगे भी कथा व्यास मंच से लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया गया है। रक्तदान के प्रति जागरूकता आने से आने वाले समय में और भी अधिक सकारात्मकक परिणाम सामने आएंगे।

जिले में 125 बच्चों में थैलेसीमिया बीमारी के लक्षण मिले हैं। ऐसे बच्चों को वर्ष में तीन से चार बार तक रक्त की जरूरत पड़ती है। इन बच्चों को और उनके परिजनों को रक्त के लिए भटकना पड़ता है। समय पर रक्त नहीं मिलने से बहुत परेशानी होती है। इसके लिए समाज व संस्था के अनेक लोग रक्तदान के लिए आगे आ रहे हैं। यह अच्छी बात है। पिपरिया के ही माहेश्वरी समाज के सुशील दांगी व उनकी समाज के द्वारा इन पीडि़त बच्चों के रक्तदान की व्यवस्था करने का संकल्प लिया गया है। करीब 100 बच्चों के लिए और बार -बार रक्त की जरूरत रहेगी। इसके लिए ऐसे शिविर बार-बार आयोजित करने की आवश्यकता है।

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AUTHORRohit

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