झरोखा : इन्हीं अदाओं पर ……..मर गए हम

पंकज पटेरिया :
क्या करे! क्या करें! मशहूर प्ले बैक सिंगर कीर्ति शेष मुकेश जी का एक मशहूर गीत है जिसके मोहक बोल है इन्हीं अदाओं पर मर मर……आदि। इस दिलकश गीत की यह पंक्तियां चाहे विरोधी हो या विघ्न संतोषी अथवा हमारे अन्य भाई लोग इन दिनों गुनगुनाते हुए हमारे सर्वप्रिय मुख्यमंत्री शिवराज चौहान की चर्चा करते हुए मान गए यार की तर्ज तरन्नुम उछाल देते हैं, उनका कहना होता है मान गए हुजूर कमाल है आपकी अदाएं और आपका अंदाज। चाहे शराब नीति, लाडली बहना योजना हमारे नर्मदांचल वासी शिवराज भैया भाई साहब ठेठ देसी अंदाज में किसान के बेटे जो ठहरे वायुयान से कंधे पर गेती लेकर ही उतरे और सीधे आदिवासी समाज के दिलों में उतर गए। जबकि शराब वाले मामले को लेकर सीएम की नीति का समर्थन कर गदगद और सम्मान भाव से पूर्व मुख्यमंत्री भाजपा नेता उमा भारती जी ने अपने भाई का सम्मान किया। ओम भैया ने भी चरण छूकर आशीर्वाद ग्रहण किया। लेकिन कतिपय माननीय नाखुशी के घूट मन मसोसकर गट करते रहे।
इधर विकास यात्रा शानदार अंदाज जारी कुछ खट्टे मीठे अनुभव भी हो रहे है। एक मंत्री पर किसी खुजली जड़ी जड़ दी। दूसरे उत्साह मे सांप गले में डाल प्रगट हुए। तो अगले मोड़ पर भाजपा के पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता की विकास यात्रा को 144 धारा केवल करने रोक दिया और गुप्ता जी धरने पर बैठ गए। कलेक्टर अविनाश जी से बात हुई। उन्होंने पुलिस कमिश्नर से गुप्ता जी की बात कराई और मामला शांत हुआ। फगुनहट चलने लगी है। शहर से लौटते हुए कहीं से एक बुंदेली लोकगीत शाम ढलते हवा में बहता हुआ कानों को छू गया। मैं तो ऊसही इतर में डूबी पिया मो पर रंग ना डारो सांवरिया।भीगी चुटिया चोली भीगी मोरी चुनरिया। और इधर शिवराज के सर्व हितेषी जन कल्याणी बजट से चो तरफ तारीफ के फूल सरकार पर उछाले जा रहे है। ऐसे हाल पर एक शेर मोजू लगता है। जज्बे की कड़ी धूप हो तो क्या नही मुमकिन, हम सब इस सुलगते जज्बे साक्षी बन रहे है।

pankaj pateriya

नर्मदे हर।
पंकज पटेरिया
वरिष्ठ पत्रकार
साहित्यकार
9340244352, 9407505651

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