बीएसएफ से सेवानिवृत्त आरक्षक की हत्या करने वाले को आजीवन कारावास

बीएसएफ से सेवानिवृत्त आरक्षक की हत्या करने वाले को आजीवन कारावास

इटारसी। करीब चार वर्ष पूर्व सीमा सुरक्षा बल के रिटायर्ड आरक्षक की हत्या करने के मामले में बीएसएफ (BSF) के ही एक अन्य आरक्षक को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा और अर्थदंड से दंडित किया है। घटना उस वक्त हुई जब सुबह 7:30 बजे रिटायर्ड आरक्षक अपनी 6 वर्ष की पुत्री को स्कूल छोडऩे पथरोटा (Pathrota) गया था।

द्वितीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश इटारसी (Second District and Sessions Judge Itarsi) ललित कुमार झा (Lalit Kumar Jha) ने इस सनसनीखेज हत्याकांड के प्रकरण में बीएसएफ अम्बासा, त्रिपुरा (Tripura) में पदस्थ आरक्षक आरोपी कुशमेन्द्र सिंह जाटव (Kushmendra Singh Jatav) पिता चेतराम जाटव (Chetram Jatav) निवासी ग्राम धौंधी जिला सीतापुर उप्र (District Sitapur UP) को बीएसएफ से सेवानिवृत अल्फ्रेड नेरियस (Alfred Nerius) निवासी पथरौटा की हत्या के अपराध के लिए धारा 302 भादवि के अंतर्गत आजीवन कारावास एवं 1000 रुपए अर्थदंड, धारा 27 आम्र्स एक्ट में 03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500 रुपए अर्थदंड से दंडित किया।

जिला अभियोजन अधिकारी राजकुमार नेमा (Rajkumar Nema) ने बताया कि घटना 18 मार्च 2019 को सुबह 7.30 बजे उस वक्त हुई थी जब बीएसएफ से रिटायर्ड अल्फेन्ड नेरियस घर से उसकी लड़की इतिशिया उर्फ ऐनी उम्र 6 वर्ष को एनटीपीसी स्कूल पथरौटा स्कूटी से छोडऩे गये थे। कुछ देर बाद अल्फेन्ड नेरियस की पत्नी इमोरलिन नेरियस (Immorlin Nerius) भी स्कूल चली गयी थी। स्कूल में किसी ने फोन करके सूचना दी थी कि ग्राम पांडूखेड़ी (Village Pandukhedi) में उसके पति अल्फेन्ड नेरियस को कुशमेन्द्र सिंह ने गोली मार दी है। तब तब वह स्कूल के स्टाफ के साथ ग्राम पांडूखेड़ी घटनास्थल पर पहुंची तो देखा रोड पर काफी भीड़ लगी थी।

पुलिस स्टाफ तथा उसकी बेटी इतिशिया उर्फ ऐनी खड़ी थी, जिसने बताया कि उनको सोयाबीन फैक्ट्री के पास कुशमेन्द्र सिंह अंकल मिले जिन्होंने हाथ देकर पापा को रोका तथा जोर-जोर से बातचीत कर विवाद करने लगे तब पापा ने कुशमेन्द्र को फार्म हाउस प्लाट पर ले जाने के लिये स्कूटी पर पीछे बैठा लिया। पांडूखड़ी रास्ते पर कुशमेन्द्र सिंह ने स्कूटी को हिलाकर गिरा दिया तथा छोटी बंदूक से पापा के कंधे में गोली मार दी।

आरोपी कुशमेन्द्र के विरूद्ध धारा 302 भादवि के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर तत्कालीन थाना प्रभारी कंचनसिंह ठाकुर (Police Station Incharge Kanchansingh Thakur) ने विवेचना कर अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया। विचारण के दौरान शासन की ओर से अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी एचएस यादव (HS Yadav) द्वारा की गई।

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AUTHORRohit

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