कल से बांग्ला संस्कृति और परंपरा से होगी मां की आराधना

कल से बांग्ला संस्कृति और परंपरा से होगी मां की आराधना

– बंगाली समाज की दुर्गा पूजा आज से प्रारंभ

नर्मदापुरम। नर्मदापुरम बंगाली एसोसिएशन द्वारा मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की तैयारी जा रही है। नर्मदापुरम बंगाली एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ आशीष चटर्जी ने बताया कि प्रतिवर्ष हो रही पूजा का यह 29 वॉ वर्ष है। पूजा पर्व हैप्पी मैरिज गार्डन, कोठी बाजार में आयोजित किया जा रहा है, जहां पर आज महासष्ठि पूजा का आयोजन कर घट स्थापना होगी। कल प्रात: आमंत्रण अधिवास एवं शस्त्र प्रदान होगा।

अष्टमी को सबसे महत्वपूर्ण पूजा संधि पूजा होगी जिसमें मां चामुण्डा रूप में पूजित होती हैं। मां चामुण्डा को बलि (भूरा कुम्हड़ा) दी जाती है, 108 कमल के फूलों से अर्चना होती है और ओम की आकृति में दीपदान किया जाता है। नवमी को कुमारी पूजन और विजया दशमी को सिंदूर खेला उत्सव मनाया जाएगा। प्रतिदिन सायंकाल धुनुची आरती होती है। बंगाल से बाहर इस प्रकार परंपरा और बांग्ला संस्कृति को अक्षुण्ण रखने हेतु बंगाली समाज के लोग पूरी श्रद्धा भक्ति और उत्साह के साथ दुर्गा पूजा का आयोजन करते आ रहे हैं जिसमें समाज के सभी सदस्य बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं।

इस पूजा में नर्मदापुरम के गणमान्य नागरिकगण शामिल होते हैं और साथ में भोग (भंडारा) ग्रहण करते हैं। पूजन में मां दुर्गा दरबार की प्रतिमा स्थापित हुई है जिसे मूर्तिकार मंटू पाल बंगाल से आकर प्रतिमा बनाते हैं। पुरोहित श्री गणेश चंद्र भट्टाचार्य और उनके साथी कोलकाता से आकर पूजन कर रहे हैं। पूजन में प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। उपाध्यक्ष श्रीमती मऊ चौधुरी ने इस उत्सव में सबका स्वागत करते हुए कहा कि नर्मदापुरम बंगाली एसोसिएशन द्वारा आयोजित दुर्गा पूजा उत्सव में 20 से 24 अक्तूबर तक सभी धर्मप्रेमी बंधुओं का स्वागत है।

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AUTHORRohit

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