पचमढ़ी, नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश में सतपुड़ा की रानी पचमढ़ी की वादियों में शुक्रवार, 26 दिसंबर से ‘पचमढ़ी महोत्सव’ का रंगारंग शुभारंभ हुआ। सुरम्य पहाडिय़ों के बीच जब जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन और कैंट सीईओ राहुल गजभिए ने हरी झंडी दिखाकर उत्सव की शुरुआत की, तो पूरा पचमढ़ी लोक संस्कृति और उत्साह के रंगों में सराबोर हो गया।
जब सडक़ों पर उतरी शिव बारात


महोत्सव का मुख्य आकर्षण शिव बारात की थीम पर आधारित भव्य कार्निवाल रहा। उज्जैन के डमरू दल की गूंज और झांझ-मंजीरों की थाप ने पर्यटकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। कार्निवाल में विशाल ड्रैगन, नंदी, आदियोगी की भव्य प्रतिमा और महाराष्ट्र के प्रसिद्ध ढोल-ताशा पथक ने समां बांध दिया।
अधिकारी भी खुद को रोक नहीं पाए


सीईओ श्री हिमांशु जैन ने पर्यटकों के साथ डमरू बजाकर नृत्य किया। वहीं देर शाम सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने कलाकारों के बीच पहुंचकर खुद ढोल बजाया और उनका उत्साहवर्धन किया। बच्चों के लिए गोरिल्ला, सफेद भालू और विंटेज कारों का काफिला आकर्षण का केंद्र रहा।
सुरों की महफिल और बॉलीवुड का तडक़ा
29 दिसंबर तक चलने वाले इस चार दिवसीय उत्सव में कला और मनोरंजन का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
आज की शाम : सारेगामा फेम अखिलेश तिवारी और वैशाली रैकवार के सुरों के साथ बॉलीवुड डांसर पूजा ठाकरे की प्रस्तुतियां होंगी।
- आगामी आकर्षण : ऋतंभरा कुशवाहा का शास्त्रीय नृत्य, राजा रेंचो का जादू, स्टैंड-अप कॉमेडी और इशिता विश्वकर्मा सारेगामा विनर की मखमली आवाज पर्यटकों का मनोरंजन करेगी।
- विशेष आकर्षण : 28 दिसंबर को आर्मी बैंड अपनी जादुई धुनों से वादियों को गुंजायमान करेगा।
क्यों आएं आप पचमढ़ी महोत्सव में?
- सांस्कृतिक विविधता : आदिवासी नृत्य से लेकर बॉलीवुड और शास्त्रीय संगीत तक सब एक मंच पर।
- अद्भुत माहौल : कड़ाके की ठंड और गुनगुनी धूप के बीच लोक कलाओं का आनंद।
- पारिवारिक मनोरंजन : बच्चों के लिए विशेष कैरेक्टर शो और बड़ों के लिए सुरीली शामें।
यदि आप प्रकृति और संस्कृति के प्रेमी हैं, तो 29 दिसंबर तक पचमढ़ी आपके स्वागत के लिए तैयार है। यहां की वादियां न केवल सुकून देंगी, बल्कि महोत्सव की ऊर्जा आपकी यात्रा को यादगार बना देगी।








