विराजे विथ फैमली सबा सौ साल के गणेश जी

विराजे विथ फैमली सबा सौ साल के गणेश जी

* पंकज पटेरिया :
दुख हरता, मंगल करता, विघ्न नाशक गोरी नंदन श्री गणेश प्रत्यक्ष प्रथम पूजित आदि देव है। देश विदेश में गणपति बप्पा की पूजा उपासना भक्ति भाव श्रद्धा आस्था से की जाती है। कोई भी कार्य का रज निर्विघ्न समन्न हो। इसके लिए भी सबसे पहले भले सुपारी पर मोली बांध,गणेश जी की स्थापना का विधान आदि कालीन है। देश के विभिन्न स्थानों गणेश जी महाराज सा परिवार विराजमान है।
इन दिनों गणेश उत्सव सत्र चलते नगर, देहात, गांव, कस्बों में गणपति महाराज की सुंदर मनमोहनी प्रतिमाएं विराजित, नयनाभिराम साज सज्जा भी दर्शनमात्र से मंत्रमुग्ध कर देती है। यू प्रदेश की राजधानी भोपाल में छोटी बड़ी कोई दस हजार गणेश प्रतिमाओ की स्थापना की गई है। इन सब में विशिष्ट है लखेरापुरा, पटवा परिवार के निवास पर विराजे विद फैमिली श्री गणेश जी महाराज।
अद्भुत इन गणेश जी महाराज की विशेषता यह है कि ये प्रतिमा मिट्टी से निर्मित है और करीब 125 वर्ष पुराने हैं। लगभग 2 फीट ऊंचाई के गणपति बब्बा के साथ उनकी दोनों प्रिय पत्नियां रिद्धि सिद्धि जी, पुत्र शुभ लाभ और बहू कुशल क्षेम भी विराजमान है। शहर के प्रतिष्ठित पटवा परिवार के सदस्य मुन्ना लाल जी पटवा बताते हैं यह मूर्ति उनके दादा कीर्ति शेष जय नारायण जी पटवा को, उनके समधी दौलत राम जी ने भेंट की थी। इस मूर्ति का निर्माण राजधानी के सुप्रसिद्ध मूर्तिकार कीर्तिशेष श्री छोटे सिंह जी ने किया था।
उल्लेखनीय है 125 वर्ष श्री गणेश जी की मूर्ति को हो गए हैं। मिट्टी के होने के बाद भी वैसे ही है, जैसे अपने शुभ आगमन के समय थी। हर साल गणेश जी और उनके साथ विराजे पूरे परिवार को गणेश चतुर्थी पर डोल ग्यारस तक विधि विधान से स्थापना कर विशेष रंग लेपन कर आकर्षक साज सज्जा की जाती। फिर नित्य सुबह शाम पूजन आदि कर्म काण्ड किए जाते। डोल ग्यारस पर शास्त्री विधान से पूजनादि कर फिर इस भव्य प्रतिमा को खासतौर से निर्मित कांच के घर मे सहेज फिर विराज दिया जाता है। इस क्षेत्र निवासी प्रतिष्ठित मेडिकल पेशे से जुड़े राजेश श्रीवास्तव बताते है कि मैं बचपन से करीब साठ साल से गणपति बप्पा के दर्शन करता रहा। बचपन में जब यहां बसाहट के इतने तंग हालात नहीं थे। हम लोग दिन भर यहां खेलते रहते थे। इन अनोखे विथ फैमली गणेश जी के दर्शन करने लोगो की भीड़ लगी रहती है।
ॐ श्री गणेशाय नमः, ओम गं गणपतए नमः, बहुत सरल और सहज श्री गणेश जी के मंत्र से मात्र एक माला दुर्वा अर्पित कर गुड़ का भोग लगा, भगवान गणेश जी की कृपा प्राप्त की जा सकती है, और बिगड़े काम बनाए जा सकते है।
जय गणपति बप्पा मोरया।

नर्मदे हर

PATERIYA JI

पंकज पटेरिया
वरिष्ठ पत्रकार साहित्यकार
सेक्टर सेक्टर 5, हाउस नंबर 55
ग्लोबल पार्क सिटी, कटारा हिल्स भोपाल
9340244352 ,9407505651

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