- अखिल दुबे, खेल समीक्षक (9827222972)

इटारसी। भारतीय हॉकी टीम ने मलेशिया के खिलाफ एक रोमांचक और अविस्मरणीय मैच में शानदार जीत हासिल कर, अपने कोच क्रेग फुल्टन की नई रणनीति को सही साबित कर दिया है। इस जीत के साथ भारतीय टीम का मनोबल बहुत ऊंचा हो गया है। अब फाइनल केवल एक कदम दूर है।
रणनीति में बदलाव, प्रदर्शन में निखार
मैच में भारतीय टीम की रणनीति पूरी तरह से बदली हुई नजर आई, जो आश्चर्यजनक थी।
रक्षात्मक रेखा (डिफेंस लाइन) : हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई में रक्षात्मक खिलाड़ी सिर्फ डिफेंस ही नहीं कर रहे थे, बल्कि वे मलेशियाई डी के बाहर तक सक्रिय थे।
मध्य पंक्ति (मिडफील्ड लाइन) : मनप्रीत सिंह के नेतृत्व में मिडफील्डरों ने बेहतरीन आक्रमण बनाए, विरोधी टीम की डी में घुसकर गोल भी दागे।
युवा खिलाडिय़ों पर भरोसा : कोच फुल्टन ने शीलानंद लकड़ा और दिलप्रीत सिंह जैसे युवा खिलाडिय़ों पर पूरा भरोसा जताया, और दोनों ने उनके विश्वास को बनाए रखा। शीलानंद ने तो भारतीय टीम के लिए सबसे शानदार गोलों में से एक दागा।
मनप्रीत का जादू और हरमनप्रीत की फिटनेस
मैच के दौरान मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ने जर्मनप्रीत, विवेक, हार्दिक और हरमनप्रीत के साथ मिलकर कई बेहतरीन अटैकिंग मूव्स बनाए। दूसरी ओर, हरमनप्रीत सिंह की फिटनेस, कौशल और मानसिक संतुलन की जितनी तारीफ की जाए, उतनी कम है। उन्होंने डिफेंस और मिडफील्ड दोनों की कमान बखूबी संभाली।
मलेशिया ने टेके घुटने
जब भारतीय टीम ने लगातार आक्रमण शुरू किए, तो 4-1 से पिछडऩे के बावजूद मलेशियाई टीम ने अपने ही हाफ में समानांतर पास देते हुए धीमी गति से खेलकर समय बर्बाद करने की कोशिश की, जिससे साफ हो गया कि उन्होंने भारतीय टीम के सामने घुटने टेक दिए हैं।
यह जीत दर्शाती है कि भारतीय टीम का हौसला, क्षमता और लय चरम पर है। यदि यही प्रदर्शन और मानसिकता बनी रही, तो भारतीय टीम चीन को भी आसानी से हरा देगी।
हॉकी इंडिया टीम को इस शानदार जीत के लिए बहुत-बहुत बधाई!








