चिंताहरण गणेशजी, हाजिरी से दूर होते सारे संकट

चिंताहरण गणेशजी, हाजिरी से दूर होते सारे संकट

* पंकज पटेरिया :

राजधानी भोपाल से कोई 40 किलोमीटर दूर सीहोर में चिंताहरण भगवान गणेश जी महाराज की आदिकालीन प्रतिमा है । जिसके दर्शन करने देश भर से श्रद्धालुजन आते हैं। बताया जाता है विघ्न हरण गौरी नंदन, भगवान गणेश जी के मंदिर का निर्माण संवद 155 में किया गया था। श्री यंत्र की रूपाकार में, राजा विक्रमादित्य ने इस भव्य मंदिर का निर्माण 16 स्तंभों पर करवाया था। इसके बाद सभा मंडव आदि का निर्माण महाराजा बाजीराव पेशवा ने करवाया था।

मंदिर स्वयंभू है, जिस पर विराजे मंगल मूर्ति गणेश जी आधी जमीन में ही है और आधे ऊपर है। राजा विक्रमादित्य रणथंबोर में नित्य प्रति चिंतामन गणेश जी की पूजा अर्चना किया करते थे। उसी दौर में श्री गणेश जी महाराज ने उन्हें स्वप्न दिया और कहा कि वे सिद्धपुर जिसका आज का अब नाम सीहोर है, पुण्य सलिला पार्वती के तट पर प्रकट हुए हैं।

कहते हैं सुबह उठते ही राजा ने अपने सैनिकों को आदेश दिया कि वह सीहोर जाएं और वहां से गणपति बब्बा की वह प्रतिमा लेकर राजस्थान आए। राजा का आदेश सर आंखों पर रख सैनिक दल सीहोर पहुंचा और उन्होंने पार्वती तट पर विराजे गणेश जी को उठाने का भरसक प्रयास किया। लेकिन प्रतिमा एक इंच भी नहीं हिली। अंततः सैनिक खाली हाथ राजस्थान आकर राजा को सारा किस्सा बयान किया। फिर राजा बब्बा की भावना का सम्मान कर मंदिर का तदनुरूप निर्माण करवाया। गणेश की अत्यंत सुंदर प्रतिमा में आखों मे हीरे जड़े थे, तब मंदिर में ताला नहीं डलता था। चोर हीरे निकाल ले गए। तब बब्बा की आखों में अविरल दूध की धारा बहती रही। एक दिन गणेश जी ने पुजारी को सपना दिया और कहा मैं कहीं से खंडित नहीं हूं तुम नेत्रों में चांदी के नेत्र लगवा दो। तभी से चांदी के नेत्र भगवान गणेश जी की आंखों में शोभित है।

सीहोर के पश्चिम छोर पर विराजे गणेशजी भगवान की सूंड दाहिनी ओर है। जब की सामान्य गणेश मंदिर में भगवान की सूंड बाई ओर होती है। घर में भी दाहिने और सूंड वाले गणपति महाराज की प्रतिमा पूजा में रखने का शास्त्रोक्त विधान है। देशभर में 4 स्वयंभू गणपति बप्पा की प्रतिमा है।

अनेक लोग बताते हैं कि चिंता हरण गणेश जी दरबार से किसी की झोली खाली नहीं रहती। सीहोरवासी श्रीमति ज्योति अनूप मोदी बताती है हमारे राजा रक्षक चिंताहरण गणेश जी ही है। भगवान सबकी आपदा विपदा हरते हैं और मनोती पूरी करते हैं।


पंकज पटेरिया
वरिष्ठ पत्रकार साहित्यकार
9340244352 ,9407505651

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