दशहरे पर बच्चों ने जानी रामायण के विभिन्न पात्रों की भूमिका

दशहरे पर बच्चों ने जानी रामायण के विभिन्न पात्रों की भूमिका

इटारसी। साईं विद्धा मंदिर न्यास कॉलोनी में कक्षा नर्सरी व केजी के बच्चों ने मां का आव्हान सुंदर परिधान के साथ गरबा नृत्य कर किया। कक्षा पहली व दूसरी के बच्चों ने वेस्ट मटेरियल से रावण के चेहरे को बनाया। कक्षा तीन के बच्चों ने मां दुर्गा की उपासना के लिये डांडिया स्टिक की सजावट की। कक्षा चार व पांच के बच्चों ने रामायण पात्रों को कठपुतली पर उकेरा तो सबसे महत्वपूर्ण कक्षा छह, सात व आठ के बच्चों ने रामायण से जुड़े रोचक प्रसंगों जैसे रावण के दस सिरों की विशेषता, रामायण में जटायु व सुग्रीव की भूमिका, संजीवनी बूटी और हनुमान, राम का वनवास, शबरी के झूठे बैर, राम का केवट मिलन, सीता की अग्नि परीक्षा, कुंभकरण/मेघनाथ/विभीषण परिचय, लंका दहन और हनुमान,बाली वध और रावण की विद्ता जैसे महत्वपूर्ण विषयों को जाना और उनका सचित्र वर्णन कर लेखन प्रतियोगिता में भागीदारी की।

निर्णायक श्रुति अग्रवाल, टी कश्यप, आभा तोमर की ज्यूरी ने निर्धारित मापदंड के अनुसार निर्णय दिये जिसमें कक्षा तीन से श्रेयांस सोनी प्रथम, मानसी राजपूत सैकंड, मान्या चावरे व जानवी कश्यप थर्ड और सांत्वना पुरस्कार दर्श मेहरा व तहूरा कुरैशी को। कक्षा चार आयुष बौरासी प्रथम, आराध्या सोनकर द्वितीय, माही भारती व अतिवीर जैन थर्ड रहे। कक्षा पांच में अयान खान प्रथम, जिग्यास सोनी द्वितीय, दिव्यांस सोनी थर्ड, सात्वना पुरस्कार युवराज सराठे। कक्षा छह से प्रथम रही ऐरा जैन, द्वितीय दामिनी कश्यप, तृतीय रौनक शर्मा रहे। कक्षा सात से प्रथम अदिति सेन, द्वितीय देवांशी शाह व चित्रांशी चौरे, तृतीय तैबा खान व प्रख्यात चौरे तथा सांत्वना पुरस्कार पारूल चौरे रहे जबकि कक्षा आठवीं में दीक्षा मांझी प्रथम, आकाश शुक्ला द्वितीय व यशस्वी मालवीय तृतीय चुने गये। स्कूल संचालक आलोक गिरोटिया ने बताया कि इन पावन प्रसंगों से बच्चों का साक्षात्कार कराकर उन्हें भगवान राम की लाक्षणिक विशेषताओं से रूबरू किया गया ताकि वे इन प्रसंगों का जीवन में महत्व समझकर उन्हें आत्मसात कर सकें।

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AUTHORRohit

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