बरगी बारना Bargi Barna से आ रहा पानी, तवा के गेट बंद

बरगी बारना Bargi Barna से आ रहा पानी, तवा के गेट बंद

. अधिकारियों ने किया सेठानी घाट(Sethani ghat) का दौरा
. विधायक भी पहुंचे नर्मदा घाट(Narmada Ghat), जायजा लिया
. निचली बस्तियों में प्रशासन रख रहा है नजर
. शाम 7 बजे तवा बांध के सभी गेट बंद किये

इटारसी। नर्मदा में कुछ घंटों बाद तीनों बांधों(Bandho) का पानी आना शुरु हो जाएगा और नदी के जलस्तर(Water level) में तेजी से बढ़ोतरी होगी। इस स्थिति में बाढ़ की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट पर है। हालांकि शाम 7 बजे से तवा बांध के सभी गेट बंद कर दिये गये।आज सुबह 8 बजे तवा बांध से पानी छोड़ा जा रहा है तो दोपहर 1 बजे से रायसेन जिले के बारना जलाशय का पानी भी छोड़ा गया है। जबलपुर के बरगी बांध(Bargi bandh) से पिछले तीन दिन से लगातार पानी नर्मदा में आ रहा है। ऐसे में नर्मदा का जलस्तर धीरे.धीरे बढ़ रहा है। शाम को तवा के गेट बंद कर दिये गये। वर्तमान हालात पर प्रशासन की कड़ी निगाहें हैं। अधिकारी लगातार तटीय क्षेत्रों का दौरा करके हालात का जायजा ले रहे हैं। आज विधायक डॉण्सीतासरन शर्मा ने भी सेठानी घाट पर पहुंचकर जलस्तर का जायजा लिया और संभावित बाढ़ से बचाव के लिए प्रशासन द्वारा किये गये कार्यों पर अधिकारियों से चर्चा की।

तवा के सभी गेट बंद
तवा और बारना का पानी छोड़े जाने से नर्मदा के जलस्तर में तेजी से इजाफा हो रहा था। तवा का यह पानी छह से आठ घंटे में होशंगाबाद पहुंचा और नर्मदा का जलस्तर बढने लगा। जबलपुर से भी बरगी का पानी नर्मदा में आ रहा है। शाम को 7 बजे जब तवा में पानी का इन्फ्लो कम हो गया तो तवा बांध के सभी गेट बंद कर दिये हैं। वर्तमान में तवा बांध का जलस्तर 1161.20  फुट पर था। लेकिन ऊपरी क्षेत्रों में बारिश नहीं होने और पानी आने की मात्रा सीमित होने से गेटों को बंद कर दिया गया। इस तरह से तवा के गेट से एक दिन में 11 घंटे पानी छोड़ा गया।

कलेक्टर पहुंचे सेठानी घाट()
कलेक्टर धनंजय सिंह ने एसडीएम आदित्य रिछारिया और अन्य अधिकारियों के साथ आज सेठानी घाट जाकर नर्मदा नदी के जलस्तर का जायजा लिया। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सेठानी घाट सहित अन्य घाटों पर मॉनिटरिंग लगातार जारी रखें। लगातार हो रही बारिश के चलते बांधों से समय.समय पर पानी छोड़ा जा रहा है। जल संसाधन विभाग के अधिकारी एवं एसडीएम आपस में लगातार संपर्क में रहें, समन्वय स्थापित कर बांधों से पानी छोड़ा जाए ताकि नर्मदा नदी का जलस्तर नियंत्रित रहे। उन्होंने डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट होमगार्ड को निर्देशित किया कि जिले के चिन्हित संवेदनशील क्षेत्रों/घाटों पर होमगार्ड की टीम तैनात रखें तथा नाव, मोटरबोट एवं जीवन रक्षा सामग्रियों कि पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने सेठानी घाट स्थित बाढ़ नियंत्रण कक्ष में अलार्म एवं मॉनिटरिंग आदि व्यवस्थाओं का जायजा लेकर बाढ़ नियंत्रण कक्ष में नियुक्त अधिकारी/कर्मचारियों को 24 घंटे सक्रियता से काम करने के निर्देश दिए। कलेक्टर सिंह ने नर्मदा महाविद्यालय में बनाए राहत पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने निर्देशित किया कि राहत पुनर्वास केंद्रों में खाद्यान्न सामग्री, चिकित्सा सुविधाएं चाक-चैबंद रखी जाएं। उन्होंने सीएमओ होशंगाबाद को निर्देशित किया कि पुनर्वास केंद्रों पर सफाई का विशेष ध्यान रखें, हाइपोक्लोराइट सॉल्यूशन का नियमित छिड़काव किया जाए। नगर पालिका की टीम मुस्तैद रहें, शहर के प्रमुख नाले ध्नालियों कि सघन साफ-सफाई सुनिश्चित कराएं ताकि किसी भी जगह जलभराव की स्थिति निर्मित ना हो। कलेक्टर ने बाढ़ संभावित निचले इलाके आदमगढ़ बंगाली कॉलोनी का निरीक्षण कर कॉलोनी के रहवासियों से चर्चा की और आग्रह किया कि वे लगातार हो रही बारिश के चलते सतर्क रहेंए किसी भी प्रकार की परेशानी उत्पन्न होने पर प्रशासन को सूचित करें।

इन बांधों से आ रहा इतना पानी
तवा जलाशय में लगातार बढ़ते जलस्तर को लेकर आज सुबह 8 बजे बांध के पांच गेट 5 फीट तक खोले गए थे, जिन्हें सुबह 11 बजे घटाकर पांच गेट 2 फुट तक कर दिया था जिनसे 16895 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा था। शाम को सभी गेट बंद कर दिये। रायसेन जिले के बारना बांध से दोपहर 1 बजे पानी छोडना प्रारंभ किया। यहां एक गेट 1.5 मीटर और दूसरा गेट 1.20 मीटर तक खोले गये हैंए इनसे 15 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। उधर जबलपुर में बरगी बांध के 11 गेट आधा मीटर तक खुले हैं जिनसे 35807 क्यूसेक पानी नर्मदा में छोड़ा जा रहा है।

सारणी बांध की स्थिति
शाम 3 बजे से सारणी स्थित सतपुड़ा बांध के पांच गेट एक.एक फुट तक खोले गये जिनसे 4332 क्यूसेक पानी तवा में डिस्चार्ज किया रहा था।

तवा में ऐसे चला आपरेशन
सुबह 7 बजे जलस्तर 1160.10 था। 8 बजे जलस्तर बढ़कर 1160.30 पहुंचा तो पांच गेटए पांच.पांच फुट खोलकर 40.415 क्यूसेक पानी छोडना शुरु किया। उस वक्त इनफ्लो 110160 क्यूसेक था। सुबह 9 बजे गेटों की स्थिति वही रहीए इन्फ्लो कम होकर 58080 क्यूसेक हो गया। 11 बजे गेट की ऊंचाई कम करके दो फुट कर दी और डिस्चार्ज 16895 तवा नदी में छोड़ा गया तथा 3500 क्यूसेक एचईजी को देना प्रारंभ किया। इस तरह कुल डिस्चार्ज 20395 हो गया। सुबह 9 से दोपहर 3 बजे के बीच तवा में इन्फ्लो एक जैसा रहा। शाम 4 से 6 बजे के बीच तवा में पानी आना कम होकर 20395 हो गया। यानी डिस्चार्ज और इन्फ्लो समान हो गया। शाम 7 बजे सभी पांच गेट बंद किये।

शाम 7 बजे की स्थिति
नर्मदा का जलस्तर . 960.60 फुट
तवा का जलस्तर . 1161.20 फुट
बरगी जलाशय . 421.50 मीटर
बारना जलाशय . 347.93 मीटर

इनका कहना है…
अभी तवा में जितना पानी आ रहा हैए उतना ही डिस्चार्ज किया जा रहा था। फिलहाल पानी आने की मात्रा में कमी आयी है और शाम को 7 बजे तवा बांध के सभी पांच गेट बंद कर दिये गये हैं।
एनके सूर्यवंशी, एसडीओ तवा

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