दुर्घटनाओं में त्वरित रिस्पॉन्स और उपचार का मेकैनिज्म तैयार करें : कलेक्टर

दुर्घटनाओं में त्वरित रिस्पॉन्स और उपचार का मेकैनिज्म तैयार करें : कलेक्टर

नर्मदापुरम। सभी चिकत्सक पूरी गंभीरता और निष्ठा के साथ अपने दायित्वों को निभाएं। उपलब्ध संसाधनों में अपनी उच्चतम क्षमता के साथ काम करें। अपनी जिम्मेदारियों को इतने अच्छे से निभाएं की आप अपने अधीनस्थ स्टाफ के लिए प्रेरणा बनें। अपने आशा एवं एएनएम सहित मैदानी स्टाफ को मजबूत करें। उन्हें समय समय पर आवश्यक प्रशिक्षण के साथ प्रोत्साहित भी किया जाएं। टीम वर्क के रूप में बेहतर कार्य कर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं में आदर्श स्थापित करें।

यह बात कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना (Collector Ms. Sonia Meena) ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिला अस्पताल सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सिविल अस्पताल के चिकित्सकों और अधिनस्थ स्टाफ से कहीं। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि जिले में सड़क दुर्घटनाओं व अन्य दुर्घटनाओं में त्वरित रिस्पांस और प्रभावितों के बेहतर उपचार मेकैनिज्म तैयार किया जाए। उन्होंने बैठक में गर्भवती माता पंजीयन ,कुल प्रसव और संस्थागत प्रसव, अनमोल और एचएमआईएस पोर्टल पर एंट्री की विस्तृत समीक्षा कर विशेष रूप से जिला अस्पताल में गर्भवती माताओं के पहले पंजीयन में प्रगति लाने के निर्देश दिए।

उन्होंने निर्देश दिए कि डोर टू डोर सर्वे कर महिलाओं को एएनसी पंजीयन कराने और संस्थागत प्रसव के लिए जागरूक करें। उन्होंने कहा कि एएनएम स्तर पर एएनसी पंजीयन की सतत मॉनिटरिंग की जाएं। संस्थागत प्रसव में भी प्रगति लाएं। बिमॉक क्रियाशीलता की स्थिति समीक्षा कर उन्होंने सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का बेहतर संचालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा की सभी डिलीवरी पॉइंट्स क्रियाशील रहें। राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम, मिजल्स रुबेला निर्मूलन, एसएनसीयू, एनआरसी रिपोर्ट, बाल मृत्यु दर की भी समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

उन्होंने एनटीईपी कार्यक्रम में लक्ष्य के विरुद्ध उपलब्धि की भी जानकारी ली। उन्होंने टीबी नियंत्रण के संबंध में निर्देश दिए कि आशा और एएनएम वर्कर्स को व्यवस्थित प्रशिक्षण दिया जाएं। एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं को अन्य कार्यों के संबंध में बेहतर क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएं। उन्होंने एनीमिया , मलेरिया और डेंगू के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने आरबीएसके में चिकित्सकों की उपलब्धता और संसाधनों की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ दिनेश देहलवार (Dr. Dinesh Dehalwar), डॉ राजेश महेश्वरी (Dr. Rajesh Maheshwari), आरएमओ जिला अस्पताल डॉ सुनील जैन (Dr. Sunil Jain) सहित सभी बीएमओ, बीपीएम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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AUTHORRohit

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