इटारसी। भाई-बहन के प्रेम का पर्व रक्षाबंधन (Rakshabandhan) आज पारंपरिक हर्षोल्लास से मनाया। कुछ लोग कल 12 अगस्त को भी रक्षाबंधन का पर्व मनायेंगे। धार्मिक विद्वानों (religious scholars) के अलग-अलग विचार के कारण इस पर्व को लेकर भ्रम की स्थिति बन गयी है। धार्मिक विद्वान स्वयं एकमत नहीं हैं, अलग-अलग दावों के कारण त्योहार पर लोग भ्रमित हो रहे हैं। इसी कारण कई त्योहार अब दो अलग-अलग तारीखों में मनाये जाने लगे हैं। आज भी रक्षाबंधन का पर्व मनाया। बहनों ने अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसके दीर्घायु होने की कामना की। आज बाजार (markets) में रक्षाबंधन की ग्राहकी बहुत अच्छी तो नहीं रही। अलबत्ता राखी की दुकान, रेडिमेड कपड़े (readymade clothes), मिठाई (sweets) की दुकानों पर ठीकठाक ग्राहकी रही। रेलवे स्टेशन (railway stations) और बस स्टैंड (bus stands) पर भी आज अन्य दिनों की अपेक्षा खासी भीड़ रही। गांवों से शहर और शहर से गांव जाने वाले भाई बहनों की आवक-जावक लगी रही।
सावन माह (Sawan month) की पूर्णिमा (full moon) पर रक्षाबंधन का त्योहार मनाया। बीते 24 घंटे से रुक-रुक कर हो रही तेज और धीमी गति की बारिश ने राखी एवं कपड़े एवं मिठाई के व्यवसाय पर पानी फेर कर रख दिया था। दोपहर बाद पानी कुछ देर बंद हुआ तो बाजार में भीड़ बढ़ गई। सबसे ज्यादा परेशान कपड़ा व्यापारी (cloth merchant) रहे जिन्होंने त्योहार को देखते हुए अपनी दुकानों में लाखों का माल भर लिया था और लगातार बारिश के कारण लोगों ने कपड़ों की खरीदारी में रुचि नहीं ली। नारियल (coconut), मिठाई (sweets), रुमाल (handkerchief) आदि की बिक्री जमकर हुई जो रक्षाबंधन पर्व में अनिवार्य होते हैं।
हर्षोल्लास से मना रक्षाबंधन, भाई की कलाई पर बहन ने बांधी प्रेम की डोर


Rohit Nage
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