सोपास संगठन का विस्तार एवं बिना फीस टीसी नहीं आदेश जारी

सोपास संगठन का विस्तार एवं बिना फीस टीसी नहीं आदेश जारी

होशंगाबाद। सोसायटी फॉर प्राइवेट स्कूल डायरेक्टर्स (Society for Private School Director) मध्य प्रदेश के जिला अध्यक्ष आलोक राजपूत(District President Alok Rajput), प्रदेश संगठन मंत्री रविशंकर राजपूत (State Organization Minister Ravi Shankar Rajput) ने बताया कि जिले में सोपास के प्रत्येक ब्लॉक में संगठन का विधिवत गठन किया गया। जिससे जिले में सभी ब्लॉक से एक जैसा समन्वय निजी स्कूलों (Private School) की समस्याओं एवं कार्य संपादन में बनाया जा सके। जिससे जिले में शिक्षा की गुणवत्ता और प्रदेश में जिले की स्थिति को अग्रणी किया जा सके। गत दिवस उपाध्यक्ष प्रवीण पानीकर, जिला अध्यक्ष आलोक राजपूत, जिला संयोजक देवी सिंह राजपूत, ग्रामीण जिला अध्यक्ष तेजराम गौर की उपस्थिति में पिपरिया अशासकीय शिक्षण संस्था के साथ मास्टरमाइंड स्कूल पिपरिया(Mastermind School Pipariya) में सकारात्मक बैठक का आयोजन किया गया।

इसमें पिपरिया मार्गदर्शक सुशील साहू लोचन प्रजापति एवं ब्लाक अध्यक्ष शिवदयाल चौधरी (Block President Shivdayal Choudhary) ने सोपास के साथ मिलकर के जिले में दूसरे अन्य संगठनों को भी एक रूप करने के लिए कार्यवाही हेतु जिला सम्मेलन करने का प्रस्ताव स्वीकृत किया। सुहागपुर में सोसाइटी फॉर प्राइवेट स्कूल डायरेक्टर्स का गठन होकर संयोजक राधारमण मिश्रा  के निर्देशन में ब्लॉक अध्यक्ष राजेंद्र सिंह तोमर (Block President Rajendra Singh Tomar) के साथ संपूर्ण कार्यकारणी का गठन किया गया इसके साथ ही इटारसी में सोपास के विधिक सलाहकार प्रशांत जैन के निर्देशन में संदीप तिवारी को इटारसी सोपास का ब्लॉक अध्यक्ष मनोनीत किया गया। इन सभी गठन के साथ सभी ब्लॉकों में सोपास की कार्यकारिणी गठित होने के बाद सभी ब्लॉक से प्रतिनिधि मंडल द्वारा अपर कलेक्टर महोदय से जिला शिक्षा अधिकारी महोदय के साथ बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें वर्तमान में प्रचलित समस्याओं की चर्चा की गई इसमें कोविड-19 महामारी के लाक डाउन अवधि में निजी विद्यालयों में शुल्क के संबंध में स्पष्ट दिशानिर्देश जारी करने की मांग की गई। साथ ही कुछ समाज में शिक्षा का दुष्प्रचार की मानसिकता रखने वाले लोगों के द्वारा अभिभावक संघ के नाम से संगठनात्मक रचना की जा रही है, जो कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम में उल्लेखित पालक शिक्षक संघ से पूर्णता भिन्न है। कानून में स्पष्ट उल्लेखित है की शिक्षा शुल्क किसी भी समस्या के लिए विद्यालय में पालक शिक्षक संघ अपनी बात रखने का उचित मंच है। जिसमें विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र के पिता या माता उसमें शामिल है परंतु कुछ समय से पालकों के साथ असंवैधानिक संघ के कुछ लोग विद्यालय में साथ में प्रवेश करते हैं और जानबूझकर के ऐसी स्थिति का निर्माण करते हैं जिससे विद्यालय का वातावरण दूषित हो और उसका लाभ लेकर गलत शिकायत करके बाद में स्कूल संचालक को ब्लैकमेल किया जा सके। इस बात को कलेक्टर महोदय द्वारा सभी पुलिस थानों तक पहुंचाने के लिए आश्वस्त किया गया और जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी प्रकार की शिकायत को शिक्षा विभाग की जांच में ही छात्र या पालक द्वारा लाया जाएगा संगठन द्वारा कलेक्टर महोदय द्वारा जारी कार्यवाही विवरण आदेश का आभार व्यक्त किया गया है। इस आदेश से जिले में शिक्षा के वातावरण में विष फैलाने वाली मानसिकता को विराम लगेगा और सकारात्मक वातावरण के साथ पालक शुल्क जमा करने की व्यवस्था करेंगे यहां इस आदेश में स्पष्ट है कि पालकों को विगत सत्र की बकाया शुल्क जमा करना है तथा वर्तमान तक विगत सत्र के प्रोस्पेक्टस अनुसार शिक्षण शुल्क जमा करना है यदि आज दिनांक को कोई टीसी का आवेदन करेगा तो उसे वर्तमान माह तक शिक्षण शुल्क जमा करना अनिवार्य होगी। अब दो विषय मान्यता एवं आर टी ई फीस प्रतिपूर्ति के लिए संगठन ने एक सप्ताह का समय शासन को प्रदान किया गया है। इसके बाद विधिवत न्यायालयीन कार्यवाही की जाएगी।

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