Karva Chauth 2020: श्री कृष्ण और सत्यभामा के मिलन पर बना था ऐसा संयोग, अब बनेगा करवा चौथ पर

Karva Chauth 2020: श्री कृष्ण और सत्यभामा के मिलन पर बना था ऐसा संयोग, अब बनेगा करवा चौथ पर

70 साल बाद करवा चौथ (Karva Chauth) पर बन रहा है ऐसा योग

होशंगाबाद। 4 नवंबर यानि बुधवार को महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र की कामना के लिए करवा चौथ (Karva Chauth) का व्रत करेंगी। इस बार करवा चौथ का व्रत और पूजन बहुत विशेष है। क्योंकि इस बार लगभग 70 साल बाद ऐसा योग बन रहा है। ज्योतिषाचार्य पंडित शुभम दुबे (Pandit SHubham Dubay) बताते हैं कि इस दिन रोहिणी नक्षत्र (Rohini Nakshatra) और बुधवार का योग एक साथ आ रहा है। इसलिए करवा चौथ पर रोहिणी नक्षत्र का संयोग होना अपने आप में एक अद्भुत योग है।योग करवा चौथ को और अधिक मंगलकारी बना रहा है। इससे करवा चौथ व्रत करने वाली महिलाओं को पूजन का फल हजारों गुना अधिक मिलेगा।

यह है शुभ मुहुर्त
करवा चौथ के दिन इस बार होशंगाबाद में चंद्रोदय रात 8 बजकर 23 मिनट 42 सेकेंड पर पर होगा, जिसमें आप चंद्रमा को अर्घ्य देकर अपना करवा चौथ का व्रत पूर्ण कर सकती हैं।

करवा चौथ के दिन बनने वाला शुभ योग
करवा चौथ पर रोहिणी नक्षत्र का संयोग होना अपने आप में एक अद्भुत योग है। करवाचौथ बुधवार के दिन होने से इसका महत्व और बढ़ गया है। पंडित दुबे के अनुसार चंद्रमा में रोहिणी का योग होने से मार्कण्डेय और सत्यभामा योग (Satyabhama) बन रहा है। यह योग चंदमा की 27 पत्नियों में सबसे प्रिय पत्नी रोहिणी के साथ होने से बन रहा है, पति के लिए व्रत रखने वाली सुहागिनों के लिए यह बेहद फलदायी होगा।

श्रीकृष्ण और सत्यभामा के मिलन पर बना ऐसा योग
ऐसा योग भगवान श्रीकृष्ण और सत्यभामा के मिलन के समय भी बना था। यह योग न केवल कुछ ही समय के लिए बल्कि पूरे दिन के लिए बन रहा है। जिसमें करवा चौथ का व्रत रखने पर महिलाओं को अपने व्रत का कई गुना लाभ की प्राप्त होगा। सर्वार्थ सिद्धि योग शुभ योगों में से एक माना जाता है। इस योग में किया गया कोई भी कार्य अवश्य ही सफल होता है और साथ ही उस कार्य का कई गुना लाभ भी प्राप्त होता है।

जानें करवा चैथ व्रत की क्या है मान्यता
सुहागन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और वैवाहिक सुख के लिए रखती हैं तो वहीं कुंवारी लड़कियां यह व्रत सुयोग्य जीवनसाथी पाने के लिए रखती हैं। यह व्रत न केवल सुहागन महिलाओं के लिए बल्कि कुंवारी लड़कियों के लिए भी विशेष होता है। इस दिन कुंवारी लड़कियां भी सुयोग्य जीवनसाथी पाने के लिए व्रत रखती हैं।

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